त्यागी नेता हैं राहुल गांधी, विरले मिलेंगे ऐसा नेता: अधीर 


धाकड़ खबर | 10 Oct 2019

त्यागी नेता हैं राहुल गांधी, विरले मिलेंगे ऐसा नेता: अधीर 
कोलकाता: अधीर रंजन बोले, भारतीय राजनीति में राहुल गांधी जैसे नेता बिरले ही होते हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेता राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने पर उनकी आलोचना के बीच लोकसभा में पार्टी नेता अधीर रंजन चैधरी ने बुधवार को कहा कि राहुल जैसे नेता मौजूदा राजनीति में विरले ही होते हैं, जिन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग दिया। लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने पर राज्य और केंद्रीय स्तर के कई नेताओं ने उनकी आलोचना की थी.
असंतुष्ट नेताओं ने दावा किया था कि राहुल गांधी के इस्तीफे ने समर्थकों और पार्टी नेताओं दोनों को अधर में छोड़ दिया है. पश्चिम बंगाल में पांच बार से लोकसभा सदस्य चैधरी ने फोन पर कहा, हां, मैंने कुछ नेताओं के बयानों के बारे में सुना है. मैं सिर्फ यही कहूंगा, हां, अच्छा होता अगर राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष बने रहते. लेकिन साथ ही हमें नैतिक जवाबदेही की मिसाल की भी सराहना करनी चाहिए, जो उन्होंने सबके सामने पेश की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता भारतीय राजनीति में बिरले ही होते हैं जो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देते हैं और हम सबको उनसे सीख लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर राहुल लौटते हैं तो हम सभी को अच्छा लगेगा. राज्य और केंद्रीय स्तर पर कांग्रेस के कई नेताओं ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की आलोचना की थी। अब जबकि सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं, गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस की स्थिति दिन प्रतिदिन और खराब होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी का निर्णय था और उनका सम्मान किया जाना चाहिए. चैधरी ने कहा, क्या आप किसी अन्य पार्टी में ऐसा कोई उदाहरण दे सकते हैं जहां नेता ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया है? इसका जवाब नहीं है. 
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चैधरी ने राहुल को बंगाल से पांच बार बतौर कांग्रेस सांसद रहे अधीर ने आगे कहा कि हमें राहुल गांधी से सीखना चाहिए। हम सभी राहुल जी को वापस अध्यक्ष देखना पसंद करेंगे। अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना राहुल गांधी का निर्णय था और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
लगे हाथ अधीर ने सवाल किया कि क्या कभी आपने देखा है कि किसी पार्टी के नेता ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया हो? ऐसा कोई उदाहरण हमारे सामने नहीं है। राहुल गांधी ने अपने इस कदम से संदेश दिया है कि नेताओं को भाषण देने से पहले उदाहरण निर्धारित करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कई कांग्रेसी नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर निष्क्रिय हो गए हैं। वहीं, कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर जिस तरह अंतर्कलह देखने को मिल रहे हैं, उसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
 



अन्य ख़बरें

Beautiful cake stands from Ellementry

Ellementry