पूजा पंडाल में अजान बजने पर विवाद


धाकड़ खबर | 07 Oct 2019

पूजा पंडाल में अजान बजने पर विवाद

न्यूज डेस्क। एक स्थानीय वकील ने बेलियाघाट 33-पल्ली पूजा के आयोजकों के खिलाफ हिंदू भावनाओं को आहत करने की शिकायत करते हुए ई-मेल से बेलियाघाटा थाने को शिकायत भेजी है. तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक परेश पाल इस दुर्गापूजा समिति के संरक्षक हैं. उन्होंने इस विवाद को निराधार बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. आयोजकों का दावा है कि अजान की रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि इस्लाम के बारे में उर्दू में बजाए जाने वाले संदेश का मकसद हिंदू और मुस्लिम सम्प्रदाय में भाईचारे का संदेश देना था. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद पक्ष और विपक्ष में तमाम प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. आयोजकों का दावा है कि अजान की रिकॉर्डिंग नहीं बल्कि इस्लाम के बारे में उर्दू में बजाए जाने वाले संदेश का मकसद हिंदू और मुस्लिम सम्प्रदाय में भाईचारे का संदेश देना था. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद पक्ष और विपक्ष में तमाम प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक परेश पाल इस दुर्गापूजा समिति के संरक्षक हैं. आयोजकों की दलील है कि उन्होंने समाज और देश में बढ़ती असहिष्णुता को ध्यान में रखते हुए इस बार आमरा एक, एका नय (हम एक हैं, अकेले नहीं) की थीम पर पंडाल बनाने का फैसला किया था. बीते दो दिनों से पंडाल से कथित रूप से अजान की रिकॉर्डिंग बजाने पर इलाके के कई लोगों में भारी नाराजगी है. उनकी दलील है कि दुर्गापूजा राज्य में सबसे बड़ा त्योहार है. एक स्थानीय निवासी तारकेश्वर पाल कहते हैं, ष्सभी धर्मों का सम्मान करना अलग बात है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमें दूसरे धर्मों के रीति-रिवाजों का पालन भी करना होगा. पूजा के पंडाल से अजान बजाना गलत है.ष् उनका सवाल है कि क्या ईसाई या मुस्लिमों के त्योहार के दौरान हिंदू देवी-देवताओं की गीत या भजन चलाए जाते हैं? एक स्थानीय एडवोकेट शांतनु सिंघा ने पुलिस को ई-मेल से भेजी शिकायत में क्लब के सचिव परिमल दे समेत दस लोगों के नाम दिए हैं. शांतनु कहते हैं, दुर्गापूजा के पंडाल से अजान बजा कर आयोजक राज्य में शांति और सद्भाव भंग करने का प्रयास कर रहे हैं. इससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. उनका आरोप है कि आयोजकों ने जान-बूझ कर ऐसा किया है. शांतनु अपने आरोप के समर्थन में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले एक वीडियो की दलील देते हैं. पुलिस ने हालांकि अब तक शांतनु की शिकायत पर एफआईआर नहीं दर्ज की है. उसने अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी भी नहीं की है. पुलिस के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने पर बताया कि सोशल मीडिया पर इस बारे में आने वाली पोस्ट पर साइबर सेल नजदीकी निगाह रख रहा है. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित एक दुर्गापूजा पंडाल में कथित रूप से अजान की रिकॉर्डिंग बजने के बाद सोशल मीडिया में इस मुद्दे पर विवाद पैदा हो गया है. उन्होंने इस विवाद को निराधार बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. कोलकाता की इस आयोजन समिति ने अबकी सर्वधर्म समभाव की थीम पर अपना पूजा पंडाल बनाया है. पंडाल में तमाम धर्मों के प्रतीक चिन्ह उकेरे गए हैं.


 



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