भारत की शिक्षा व्यवस्था


aoss | 28 Sep 2017

 ,जनसँख्या की बढ़ोतरी को देखते हुए जो बजट शिक्षा के लिए निर्धारित था वह कम पड़ने लगा तो शिक्षा की हालत सुधार के लिए" कोठारी कमीशन" की नियुक्ति की गई , कोठारी कमीशन ने अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें कि शिक्षा के बजट को 4.8% से बढ़ा कर 6% करने की सिफारिश की गई,परन्तु वर्तमान सरकार ने उस रिपोर्ट की सिफारिश पर कोई गौर नही की और उल्टे 1.1% शिक्षा का बजट कम करके 3.7% कर दिया ये है वर्तमान सरकार की जन कल्याणकारी योजना।दूसरी तरफ हमारे शिक्षा मंत्री प्रकाश जावेड़कर जी देश मे गुरुकुल पद्यति दोबारा लेनकी घोषणा कर चुके है। आप सभी जानते है गुरुकुल पद्यति में तो सिर्फ तीन वर्णो को ही शिक्षा का अधिकार है ,बाकी देश का मूलनिवासी और बहुजन के लिये उसमे कोई जगह नही है। बात साफ है ये मनुवादी देश के बहुजन को कुछ भी देना नही चाहते,इस तरह से देश का विकास और विश्वगुरु बनने का सपना कैसे पूरा होगा विचार योग्य है।। 


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