क्यों नहीं दिया रूस ने दो अमेरिकी सांसदों को वीजा


धाकड़ खबर | 29 Aug 2019

क्यों नहीं दिया रूस ने दो अमेरिकी सांसदों को वीजा

वॉशिंगटन। रूस ने दो अमेरिकी सांसदों को नहीं दिया वीजा, यह था कारण। रूस ने दो अमेरिकी सांसदों को वीजा देने से मना कर दिया। माना जा रहा है कि इसके बाद दोनों देशों के संबंध और बिगड़ सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, जिन सांसदों के वीजा नहीं दिया गया है, उनके नाम हैं - अमेरिकी सांसद रॉन जॉनसन और क्रिस्टोफर एस मर्फी। दोनों दोनों विदेश मामलों की संसदीय समिति के सदस्य हैं और रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रखर आलोचक बताए जाते हैं। दरअसल,  अमेरिकी सांसद रॉन जॉनसन और क्रिस्टोफर एस मर्फी रूस की नीतियों के मुखर रहे हैं। साल 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया को अलग करने को लेकर दोनों सांसदों ने रूस के प्रति मुखर रवैया अपना रखा हैं। उन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाने का भी आह्वान किया है। अमेरिका में 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने को लेकर रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में लाए गए एक प्रस्ताव का मर्फी ने समर्थन किया था। रॉन जॉनसन और क्रिस्टोफर एस मर्फी की अपने एक अन्य साथी माइक ली के साथ अगले हफ्ते रूस जाने की योजना थी। रूस के इस फैसले के बाद रॉन जॉनसन ने कहा, श्मुझे रूसी सांसदों से सीधी वार्ता की उम्मीद थी। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने के लिए जमीन तैयार करने में मदद मिल सकती थी। दुर्भाग्यवश रूसी अधिकारी कूटनीतिक गेम खेल रहे हैं। इस अपमान की परवाह किए बगैर मैं रूस के आक्रामक रवैये पर सख्त प्रतिक्रिया देना जारी रखूंगा और जब भी संभव होगा खरी बात करूंगा।श्

वहीं मर्फी ने कहा, श्रूसी अधिकारी हमारे दौरे को बाधित कर अपने देश को और अलग-थलग कर रहे हैं। हथियार नियंत्रण समझौते का खत्म होना और व्लादिमीर पुतिन के शासन का अपने ही मुल्क में विरोध होना, अमेरिका और रूस के बिगड़ते संबंधों के लिए खतरनाक हो सकता है। यह

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार की काली सूची में जॉनसन का नाम है। वहीं रूसी दूतावास ने इस पर सफाई देते हुए कहा, श्रॉन जॉनसन ने अपने प्रस्तावित दौरे के बारे की सूचना नहीं दी थी। रूस के खिलाफ उनके बेबुनियाद आरोपों से कोई संदेह नहीं रह जाता। वह बातचीत के लिए नहीं बल्कि तकरार के लिए तैयार हैं।श्



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