रवि शास्त्री की नियुक्ति का कारण कुछ और: कपिल


धाकड़ खबर | 17 Aug 2019


रवि शास्त्री की नियुक्ति का कारण कुछ और: कपिल

नई दिल्ली। कपिल देव, जो जाने माने क्रिकेट खिलाड़ी हैं, ने कहा कि रवि शास्त्री की नियुक्ति का कारण कुछ और है। क्रिकेट सलाहकार समिति के प्रमुख कपिल देव ने स्पश्ट कहा कि रवि शास्त्री का टीम इंडिया का हेड कोच बनने के पीछे विराट कोहली की पसंद का कोई लेना देना नहीं है। भारत में 2021 में होने वाले टी-20 वल्र्ड कप के बाद उनके प्रदर्शन की फिर से समीक्षा की जाएगी। बता दें कि शास्त्री को समिति ने उम्मीद के मुताबिक दो साल के लिए फिर से मुख्य कोच चुना है।

कपिल देव से जब पूछा गया कि क्या अंतिम फैसला कप्तान की प्राथमिकता से प्रभावित रहा, तो उन्होंने कहा, नहीं, क्योंकि अगर हम उनकी राय लेते तो हमें पूरी टीम की राय लेनी पड़ती। हमने उनसे नहीं पूछा, क्योंकि हमारे पास यह सुविधा नहीं थी। सभी उम्मीदवारो में रवि शास्त्री का रिकॉर्ड शानदार था। उनके कोच रहते हुए भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया।

शास्त्री की अगुवाई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया तथा उसे 2015 और 2019 के वल्र्ड कप में निराशा हाथ लगी। कपिल देव की अगुवाई वाली समिति को हालांकि यह बड़ा कारण नहीं लगा। क्रिकेट सलाहकार समिति में शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ भी शामिल थे। आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत के सेमीफाइनल में हारने के बारे में पूछे जाने पर कपिल ने कहा, अगर मैनेजर किसी टीम के साथ एक वल्र्ड कप नहीं जीत पाता है तो क्या उसे बर्खास्त कर देना चाहिए। नहीं। आपको संपूर्ण तस्वीर पर गौर करना होता है और हमने ऐसा किया। हमने उनकी प्रस्तुति को देखा और हमने उस हिसाब से फैसला किया। अनिल कुंबले की जगह जुलाई 2017 में कोच पद संभालने के बाद रवि शास्त्री का रिकॉर्ड शानदार रहा। इस बीच भारत ने 21 टेस्ट मैचों में से 11 में जीत दर्ज की। उसने 60 वनडे में 43 अपने नाम किए तथा 36 टी-20 अंतरराष्ट्रीय में से 25 में जीत हासिल की। भारत के पहले वल्र्ड कप विजेता कप्तान ने कहा कि शास्त्री के संवाद कौशल ने उनके चयन में अहम भूमिका निभायी है। शास्त्री के चयन पर गायकवाड़ ने कहा, असल में वर्तमान कोच होने के कारण वह खिलाड़ियों को अच्छी तरह से समझते हैं, टीम की समस्याओं से अवगत है और जानते हैं कि इसके लिए क्या करना है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि वह पूरी प्रणाली से अच्छी तरह से परिचित है। अगर कोई व्यवस्था को समझता है, खिलाड़ियों को जानता है और अच्छी तरह से संवाद स्थापित कर सकता है तो मुझे लगता है कि वह फायदे की स्थिति में रहता है।

कपिल ने दोबारा कहा, वे सभी लाजवाब थे। कुछ अवसरों पर मुझे लगा कि शास्त्री संवाद कौशल में बेहतर हैं, बाकी सदस्यों की राय इसमें भिन्न हो, लेकिन हमने इस पर चर्चा नहीं की। हमने प्रस्तुति सुनने के बाद सभी को अंक दिए। हम तीनों ने काफी कुछ सीखा। सभी ने अपनी प्रस्तुति के लिए कड़ी मेहनत की थी। यह बात भी गोर करने लायक है कि शास्त्री ने कोच पद की दौड़ में भारतीय टीम के अपने साथी रॉबिन सिंह और लालचंद राजपूत के अलावा न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी को पीछे छोड़ा। वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमंस निजी कारणों से कोच पद की दौड़ से हट गए थे।



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