बांग्ला साहित्यकार पद्मश्री से सम्मानित नवनीता देव नहीं रहीं


धाकड़ खबर | 08 Nov 2019


कोलकाता। कैंसर से पीड़ित नवनीता देव ने गुरुवार शाम अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 81 वर्ष की थीं। बांग्ला भाषा की ख्यात साहित्यकार रहीं नवनीता देव सेन का गुरुवार को निधन हो गया है। नवनीता देव कविता, उपन्यास, लघु कथाओं के साथ ही कॉलम भी लिखती थीं। उनकी कई कविताएं और उपन्यास पाठकों के बीच खासे लोकप्रिय रहे। उनकी लेखनी की धार की वजह से उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ ही पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था। नवनीता ने ऑक्सफोर्स यूनिवर्सिटी और यूएस के कोलोरेडो कॉलेज में शिक्षक के तौर पर भी सेवाएं दी थीं। उन्होंने जाधवपुर यूनिवर्सिटी में भी कई लेक्चर दिए। अपने पीछे वह दो बेटियों को छोड़ गई हैं। बेटी अंतरा लेखिका हैं, वहीं दूसरी बेटी नंदना एक्ट्रेस हैं। कैंसर की वजह से पिछले 10 दिनों से उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी।
 


पद्मश्री, साहित्य अकादमी से हुईं थी सम्मानित। बांग्ला भाषा की प्रसिद्ध साहित्यकार रहीं नवनीता देव सेन को श्नटी नवनीता के लिए साल 1999 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं साल 2000 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था। इसके अलावा पूरे जीवन काल में उन्हें अपनी कविता, लघु कथाओं और साहित्य रचना की वजह से कई बार पुरस्कृत किया गया। नवनीता देव सेन के निधन की खबर सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शोक व्यक्त किया है। बनर्जी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि श्नवनीता देव सेन के निधन से दुखी हूं। उनकी कमी उनके चाहने वालों और उनके छात्रों को खलती रहेगी। मेरी उनके परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं हैं। हम आपको बता दें कि नवनीता देव सेन का 1958 में अर्थशास्त्री अमत्र्स सेन से विवाह हुआ था, जिन्हें बाद में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था। हालांकि साल 1976 में दोनों में तलाक हो गया था।


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